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अच्छा काम : आईआईटी के पूर्व छात्र सरकारी स्कूल के बच्चों को लोगों की मदद से देंगे स्मार्टफोन

Updated: Sep 29,2020,08:34 PM IST Navya

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नई दिल्ली | कोरोना काल में सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे कम आय वर्ग वाले परिवारों के बच्चों के सामने अपनी पढ़ाई जारी रखना चुनौती बन गया है। साधन संपन्न परिवारों  के  बच्चों के लिए तो फिर भी तकनीक की सहायता से आनलाइन शिक्षा की व्यवस्था हो पा रही है।  लेकिन, संसाधनों की कमी से बड़ी संख्या में गरीब बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा  रहे  हैं। उनके पास न तो स्मार्ट फोन उपलब्ध है न इंटरनेट। ऐसे में आईआईटी से पास हुए छात्र सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले जरूरतमंद बच्चों को हरियाणा में स्मार्ट फोन उपलब्ध करवाएंगे। स्मार्ट फोन नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई पर असर नहीं पड़े। स्मार्ट फोन उपलब्ध करवाने के लिए अनूठी योजना तैयार की गई है।

लोगों से पुराने फोन लिए जाएंगे :

योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर के लोगों को प्रेरित किया जाएगा कि वे अपने घरों में  पुराने या बेकार पड़े स्मार्ट फोन बच्चों की शिक्षा के लिए दान करें। उन फोन में जो भी कमी होगी, उसे ठीक करवाया जाएगा। फोन का पुराना डाटा डिलीट करने के बाद जरूरतमंद बच्चों को स्मार्ट फोन उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए आइआइटी के पुरा छात्र ऑनलाइन ई-कॉमर्स साईट की मदद लेंगे। उनके डिलीवरी बॉय लोगों के घर से फोन लेकर आएंगे। फोन ठीक होने के बाद बच्चों के घर तक पहुंचाएंगे। गुरुग्राम और पलवल इसकी शुरुआत होगी।

घर पहुंचाया जाएगा फोन :

योजना से जुड़े  डॉ. शिव सिंह रावत ने बताया कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए उनकी टीम ने विद्या एप लांच किया था। इसमें मुफ्त में विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते है। लेकिन, इस दौरान सामने आया कि ज्यादातर सरकारी स्कूल के बच्चों के पास स्मार्ट फोन नहीं है। ऐसे में वह पढ़ाई नहीं कर पाते हैं और उनको काफी दिक्कत होती है। जरूरतमंद बच्चों को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। ई-कॉमर्स साइट से करार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ई-कॉमर्स साइट के डिलीवरी बॉय लोगों को घर से पुराने फोन लेकर आएंगे। उन सभी स्मार्ट फोन की स्क्रीन ठीक करवाना, बैटरी,स्पीकर सहित अन्य दिक्कतों को दुरुस्त किया जाएगा। ई-कॉमर्स साइट के डिलीवरी बॉय के माध्यम से ही बच्चों के घरों तक स्मार्ट फोन पहुंचाया जाएगा।

विद्या एप से गुरुग्राम, पलवल जुड़े, नूंह की तैयारी

विद्या एप को फरीदाबाद के रहने वाले दो भाई गौरव और मधुर ने तैयार किया था। एप के माध्यम से बच्चे पढ़ाई कर सकते हैं। इसके अलावा एप के माध्यम से अंग्रेजी भी सीख सकते हैं और परीक्षाओं की तैयारी भी कर सकते हैं। इस एप से गुरुग्राम और पलवल के स्कूलों को जोड़ा जा चुका है। जबकि, अब नूंह के बच्चों को भी जोड़ा जाएगा। ताकि, सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का प्लेटफार्म मिल सके। इस एप के जरिए नि:शुल्क पढ़ाई कर सकते है।

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